Psalms 113 – The LORD Who Lifts the Poor
Praise for a God high above the nations who still stoops to lift the poor and needy.
Opening a cluster of psalms known for temple praise, this chapter follows Psalms 112 by calling servants of the LORD to praise his name 'from the rising of the sun unto the going down of the same.'
यहोवा की स्तुति करो! हे यहोवा के दासों, स्तुति करो, यहोवा के नाम की स्तुति करो!
यहोवा का नाम अब से लेकर सर्वदा तक धन्य कहा जाएँ!
उदयाचल से लेकर अस्ताचल तक, यहोवा का नाम स्तुति के योग्य है।
यहोवा सारी जातियों के ऊपर महान है, और उसकी महिमा आकाश से भी ऊँची है।
हमारे परमेश्वर यहोवा के तुल्य कौन है? वह तो ऊँचे पर विराजमान है,
और आकाश और पृथ्वी पर, दृष्टि करने के लिये झुकता है।
वह कंगाल को मिट्टी पर से, और दरिद्र को घूरे पर से उठाकर ऊँचा करता है,
कि उसको प्रधानों के संग, अर्थात् अपनी प्रजा के प्रधानों के संग बैठाए।
वह बाँझ को घर में बाल-बच्चों की आनन्द करनेवाली माता बनाता है। यहोवा की स्तुति करो!