Psalms 112 – Blessed Is the Man Who Fears the LORD

A companion psalm describing the steady, generous life of the one who fears God.

Psalms 112 – Blessings of the Righteous

Matching the praise of God's works in Psalms 111, this psalm turns to the man who fears the LORD, describing him as gracious, full of compassion, and generous toward the poor.


यहोवा की स्तुति करो! क्या ही धन्य है वह पुरुष जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है!

उसका वंश पृथ्वी पर पराक्रमी होगा; सीधे लोगों की सन्तान आशीष पाएगी।

उसके घर में धन-सम्पत्ति रहती है; और उसका धर्म सदा बना रहेगा।

सीधे लोगों के लिये अंधकार के बीच में ज्योति उदय होती है; वह अनुग्रहकारी, दयावन्त और धर्मी होता है।

जो व्यक्ति अनुग्रह करता और उधार देता है, और ईमानदारी के साथ अपने काम करता है, उसका कल्याण होता है।

वह तो सदा तक अटल रहेगा; धर्मी का स्मरण सदा तक बना रहेगा।

वह बुरे समाचार से नहीं डरता; उसका हृदय यहोवा पर भरोसा रखने से स्थिर रहता है।

उसका हृदय सम्भला हुआ है, इसलिए वह न डरेगा, वरन् अपने शत्रुओं पर दृष्टि करके सन्तुष्ट होगा।

उसने उदारता से दरिद्रों को दान दिया, उसका धर्म सदा बना रहेगा; और उसका सींग आदर के साथ ऊँचा किया जाएगा।

दुष्ट इसे देखकर कुढ़ेगा; वह दाँत पीस-पीसकर गल जाएगा; दुष्टों की लालसा पूरी न होगी।

His fixed heart, unafraid of evil tidings, mirrors the promise of perfect peace in <a href="/bible/irvhin/isaiah/chapter-26/3">Isaiah 26:3-4</a>, before the psalms turn again to praise in <a href="/bible/irvhin/psalms/chapter-113">Psalms 113</a>.