Psalms 76 – There Brake He the Arrows of the Bow

A victory hymn celebrating God's power over armies and kings.

Psalms 76: In Judah Is God Known

This chapter of the Psalms overview praises God's dwelling place in Salem and Zion, where He has broken the weapons of war, continuing the theme of divine judgment introduced in Psalms 75.


परमेश्वर यहूदा में जाना गया है, उसका नाम इस्राएल में महान हुआ है।

और उसका मण्डप शालेम में, और उसका धाम सिय्योन में है।

वहाँ उसने तीरों को, ढाल, तलवार को और युद्ध के अन्य हथियारों को तोड़ डाला। (सेला)

हे परमेश्वर, तू तो ज्योतिर्मय है: तू अहेर से भरे हुए पहाड़ों से अधिक उत्तम और महान है।

दृढ़ मनवाले लुट गए, और भारी नींद में पड़े हैं; और शूरवीरों में से किसी का हाथ न चला।

हे याकूब के परमेश्वर, तेरी घुड़की से, रथों समेत घोड़े भारी नींद में पड़े हैं।

केवल तू ही भययोग्य है; और जब तू क्रोध करने लगे, तब तेरे सामने कौन खड़ा रह सकेगा?

तूने स्वर्ग से निर्णय सुनाया है; पृथ्वी उस समय सुनकर डर गई, और चुप रही,

जब परमेश्वर न्याय करने को, और पृथ्वी के सब नम्र लोगों का उद्धार करने को उठा। (सेला)

निश्चय मनुष्य की जलजलाहट तेरी स्तुति का कारण हो जाएगी, और जो जलजलाहट रह जाए, उसको तू रोकेगा।

अपने परमेश्वर यहोवा की मन्नत मानो, और पूरी भी करो; वह जो भय के योग्य है, उसके आस-पास के सब उसके लिये भेंट ले आएँ।

वह तो प्रधानों का अभिमान मिटा देगा; वह पृथ्वी के राजाओं को भययोग्य जान पड़ता है।

It pictures even the stouthearted and mighty falling into a dead sleep at God's rebuke, and closes urging that vows be paid to Him, a duty also stressed in <a href="/bible/irvhin/ecclesiastes/chapter-5/4">Ecclesiastes 5:4-6</a>. <a href="/bible/irvhin/psalms/chapter-77">Psalms 77</a> turns from triumph back to personal distress.