सर दिया पर सिर नहीं झुकाया अमर गाथा

सर दिया पर सिर नहीं झुकाया अमर गाथा

सर दिया, पर सिर नहीं झुकाया - यही है गुरु तेग बहादुर जी की अमर गाथा।


Sar diya, par sir nahi jhukaya - yahi hai Guru Tegh Bahadur ji ki amar gaatha.