शिक्षित बनो संगठित रहो संघर्ष करो संदेश प्रासंगिक

शिक्षित बनो संगठित रहो संघर्ष करो संदेश प्रासंगिक

शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो - बाबासाहेब का यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।


Shikshit bano, sangathit raho, sangharsh karo - Babasaheb ka yeh sandesh aaj bhi utna hi prasangik hai.