Psalm 33 - Sing Unto Him a New Song

A call to praise the Creator whose word spoke the heavens into being.

Psalm 33: Praise the Creator

Psalm 33 continues directly from Psalms 32, calling the righteous to rejoice and sing a new song to the LORD with harp and psaltery, because "by the word of the LORD were the heavens made." It celebrates God's goodness filling the earth and His counsel standing forever against the plans of nations.


हे धर्मियों, यहोवा के कारण जयजयकार करो। क्योंकि धर्मी लोगों को स्तुति करना शोभा देता है।

वीणा बजा-बजाकर यहोवा का धन्यवाद करो, दस तारवाली सारंगी बजा-बजाकर उसका भजन गाओ।

उसके लिये नया गीत गाओ, जयजयकार के साथ भली भाँति बजाओ।

क्योंकि यहोवा का वचन सीधा है; और उसका सब काम निष्पक्षता से होता है।

वह धार्मिकता और न्याय से प्रीति रखता है; यहोवा की करुणा से पृथ्वी भरपूर है।

आकाशमण्डल यहोवा के वचन से, और उसके सारे गण उसके मुँह की श्वास से बने।

वह समुद्र का जल ढेर के समान इकट्ठा करता; वह गहरे सागर को अपने भण्डार में रखता है।

सारी पृथ्वी के लोग यहोवा से डरें, जगत के सब निवासी उसका भय मानें!

क्योंकि जब उसने कहा, तब हो गया; जब उसने आज्ञा दी, तब वास्तव में वैसा ही हो गया।

यहोवा जाति-जाति की युक्ति को व्यर्थ कर देता है; वह देश-देश के लोगों की कल्पनाओं को निष्फल करता है।

यहोवा की योजना सर्वदा स्थिर रहेगी, उसके मन की कल्पनाएँ पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहेंगी।

क्या ही धन्य है वह जाति जिसका परमेश्वर यहोवा है, और वह समाज जिसे उसने अपना निज भाग होने के लिये चुन लिया हो!

यहोवा स्वर्ग से दृष्टि करता है, वह सब मनुष्यों को निहारता है;

अपने निवास के स्थान से वह पृथ्वी के सब रहनेवालों को देखता है,

वही जो उन सभी के हृदयों को गढ़ता, और उनके सब कामों का विचार करता है।

कोई ऐसा राजा नहीं, जो सेना की बहुतायत के कारण बच सके; वीर अपनी बड़ी शक्ति के कारण छूट नहीं जाता।

विजय पाने के लिए घोड़ा व्यर्थ सुरक्षा है, वह अपने बड़े बल के द्वारा किसी को नहीं बचा सकता है।

देखो, यहोवा की दृष्टि उसके डरवैयों पर और उन पर जो उसकी करुणा की आशा रखते हैं, बनी रहती है,

कि वह उनके प्राण को मृत्यु से बचाए, और अकाल के समय उनको जीवित रखे।

हम यहोवा की बाट जोहते हैं; वह हमारा सहायक और हमारी ढाल ठहरा है।

हमारा हृदय उसके कारण आनन्दित होगा, क्योंकि हमने उसके पवित्र नाम का भरोसा रखा है।

हे यहोवा, जैसी तुझ पर हमारी आशा है, वैसी ही तेरी करुणा भी हम पर हो।

The chapter declares that no king is saved by a large army or a mighty man's strength, but that God's eye watches over those who hope in His mercy. Compare that royal theme with <a href="/bible/irvhin/psalms/chapter-21/11">Psalms 21:11</a>, or read on to <a href="/bible/irvhin/psalms/chapter-34">Psalms 34</a>.