Psalm 23 - The LORD Is My Shepherd
David's shepherd psalm of quiet trust, comfort, and God's presence through the darkest valley.
Psalm 23 pictures the LORD as a shepherd who leads His people beside still waters and restores the soul, a promise stated plainly in Psalms 23:1. Even walking through the valley of the shadow of death, David says he will fear no evil because God's rod and staff bring comfort.
यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी।
वह मुझे हरी-हरी चराइयों में बैठाता है; वह मुझे सुखदाई जल के झरने के पास ले चलता है;
वह मेरे जी में जी ले आता है। धार्मिकता के मार्गों में वह अपने नाम के निमित्त मेरी अगुआई करता है।
चाहे मैं घोर अंधकार से भरी हुई तराई में होकर चलूँ, तो भी हानि से न डरूँगा, क्योंकि तू मेरे साथ रहता है; तेरे सोंटे और तेरी लाठी से मुझे शान्ति मिलती है।
तू मेरे सतानेवालों के सामने मेरे लिये मेज बिछाता है; तूने मेरे सिर पर तेल मला है, मेरा कटोरा उमड़ रहा है।
निश्चय भलाई और करुणा जीवन भर मेरे साथ-साथ बनी रहेंगी; और मैं यहोवा के धाम में सर्वदा वास करूँगा।