Psalm 150 – Praise Him With Trumpet, Harp, and Cymbals
The final psalm calls every instrument and every living thing to praise the LORD.
Psalm 150, the closing doxology of the Psalter, follows Psalms 149 by calling worshippers to praise God with trumpet, psaltery, harp, timbrel, and cymbals.
यहोवा की स्तुति करो! परमेश्वर के पवित्रस्थान में उसकी स्तुति करो; उसकी सामर्थ्य से भरे हुए आकाशमण्डल में उसकी स्तुति करो!
उसके पराक्रम के कामों के कारण उसकी स्तुति करो; उसकी अत्यन्त बड़ाई के अनुसार उसकी स्तुति करो!
नरसिंगा फूँकते हुए उसकी स्तुति करो; सारंगी और वीणा बजाते हुए उसकी स्तुति करो!
डफ बजाते और नाचते हुए उसकी स्तुति करो; तारवाले बाजे और बाँसुरी बजाते हुए उसकी स्तुति करो!
ऊँचे शब्दवाली झाँझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो; आनन्द के महाशब्दवाली झाँझ बजाते हुए उसकी स्तुति करो!
जितने प्राणी हैं सब के सब यहोवा की स्तुति करें! यहोवा की स्तुति करो!