Psalms 124
A thanksgiving psalm for deliverance from overwhelming enemies.
Psalm 124 opens with a repeated conditional, "If it had not been the LORD who was on our side," as Israel reflects on how close they came to being swallowed up or overwhelmed by rising waters. The chapter's rescue theme echoes Romans 8:31's question of who can stand against a people God defends.
इस्राएल यह कहे, कि यदि हमारी ओर यहोवा न होता,
यदि यहोवा उस समय हमारी ओर न होता जब मनुष्यों ने हम पर चढ़ाई की,
तो वे हमको उसी समय जीवित निगल जाते, जब उनका क्रोध हम पर भड़का था,
हम उसी समय जल में डूब जाते और धारा में बह जाते;
उमड़ते जल में हम उसी समय ही बह जाते।
धन्य है यहोवा, जिसने हमको उनके दाँतों तले जाने न दिया!
हमारा जीव पक्षी के समान चिड़ीमार के जाल से छूट गया; जाल फट गया और हम बच निकले!
यहोवा जो आकाश और पृथ्वी का कर्ता है, हमारी सहायता उसी के नाम से होती है।