Leviticus 3 - Instructions for the Peace Offering
The peace offering law reserves the fat for the LORD alone.
The peace offering described here can come from herd or flock, male or female, offered after the grain offering detailed in Leviticus 2. Its distinguishing feature is that only the fat covering the inwards, kidneys, and liver is burned on the altar.
“यदि उसका चढ़ावा मेलबलि का हो, और यदि वह गाय-बैलों में से किसी को चढ़ाए, तो चाहे वह पशु नर हो या मादा, पर जो निर्दोष हो उसी को वह यहोवा के आगे चढ़ाए।
और वह अपना हाथ अपने चढ़ावे के पशु के सिर पर रखे और उसको मिलापवाले तम्बू के द्वार पर बलि करे; और हारून के पुत्र जो याजक हैं वे उसके लहू को वेदी के चारों ओर छिड़कें।
वह मेलबलि में से यहोवा के लिये हवन करे, अर्थात् जिस चर्बी से अंतड़ियाँ ढपी रहती हैं, और जो चर्बी उनमें लिपटी रहती है वह भी,
और दोनों गुर्दे और उनके ऊपर की चर्बी जो कमर के पास रहती है, और गुर्दों समेत कलेजे के ऊपर की झिल्ली, इन सभी को वह अलग करे।
तब हारून के पुत्र इनको वेदी पर उस होमबलि के ऊपर जलाएँ, जो उन लकड़ियों पर होगी जो आग के ऊपर है, कि यह यहोवा के लिये सुखदायक सुगन्धवाला हवन ठहरे।
“यदि यहोवा के मेलबलि के लिये उसका चढ़ावा भेड़-बकरियों में से हो, तो चाहे वह नर हो या मादा, पर जो निर्दोष हो उसी को वह चढ़ाए।
यदि वह भेड़ का बच्चा चढ़ाता हो, तो उसको यहोवा के सामने चढ़ाए,
और वह अपने चढ़ावे के पशु के सिर पर हाथ रखे और उसको मिलापवाले तम्बू के आगे बलि करे; और हारून के पुत्र उसके लहू को वेदी के चारों ओर छिड़कें।
तब मेलबलि को यहोवा के लिये हवन करे, और उसकी चर्बी भरी मोटी पूँछ को वह रीढ़ के पास से अलग करे, और जिस चर्बी से अंतड़ियाँ ढपी रहती हैं, और जो चर्बी उनमें लिपटी रहती है,
और दोनों गुर्दे, और जो चर्बी उनके ऊपर कमर के पास रहती है, और गुर्दों समेत कलेजे के ऊपर की झिल्ली, इन सभी को वह अलग करे।
और याजक इन्हें वेदी पर जलाए; यह यहोवा के लिये हवन रूपी भोजन ठहरे।
“यदि वह बकरा या बकरी चढ़ाए, तो उसे यहोवा के सामने चढ़ाए।
और वह अपना हाथ उसके सिर पर रखे, और उसको मिलापवाले तम्बू के आगे बलि करे; और हारून के पुत्र उसके लहू को वेदी के चारों ओर छिड़के।
तब वह उसमें से अपना चढ़ावा यहोवा के लिये हवन करके चढ़ाए, और जिस चर्बी से अंतड़ियाँ ढपी रहती हैं, और जो चर्बी उनमें लिपटी रहती है वह भी,
और दोनों गुर्दे और जो चर्बी उनके ऊपर कमर के पास रहती है, और गुर्दों समेत कलेजे के ऊपर की झिल्ली, इन सभी को वह अलग करे।
और याजक इन्हें वेदी पर जलाए; यह हवन रूपी भोजन है जो सुखदायक सुगन्ध के लिये होता है; क्योंकि सारी चर्बी यहोवा की है।
यह तुम्हारे निवासों में तुम्हारी पीढ़ी-पीढ़ी के लिये सदा की विधि ठहरेगी कि तुम चर्बी और लहू कभी न खाओ।”