Isaiah Chapter 15

Moab's cities weep and howl as sudden destruction sweeps the land.

Isaiah 15: The Burden of Moab

Following the taunt against Babylon in Isaiah 14, Isaiah pronounces a burden of grief over Moab, whose cities Ar and Kir are laid waste in a single night.


मोआब के विषय भारी भविष्यद्वाणी। निश्चय मोआब का आर नगर एक ही रात में उजाड़ और नाश हो गया है; निश्चय मोआब का कीर नगर एक ही रात में उजाड़ और नाश हो गया है।

बैत और दीबोन ऊँचे स्थानों पर रोने के लिये चढ़ गए हैं; नबो और मेदबा के ऊपर मोआब हाय! हाय! करता है। उन सभी के सिर मुँण्ड़े हुए, और सभी की दाढ़ियाँ मुँण्ड़ी हुई हैं;

सड़कों में लोग टाट पहने हैं; छतों पर और चौकों में सब कोई आँसू बहाते हुए हाय! हाय! करते हैं।

हेशबोन और एलाले चिल्ला रहे हैं, उनका शब्द यहस तक सुनाई पड़ता है; इस कारण मोआब के हथियार-बन्द चिल्ला रहे हैं; उसका जी अति उदास है।

मेरा मन मोआब के लिये दुहाई देता है; उसके रईस सोअर और एग्लत-शलीशिया तक भागे जाते हैं। देखो, लूहीत की चढ़ाई पर वे रोते हुए चढ़ रहे हैं; सुनो, होरोनैम के मार्ग में वे नाश होने की चिल्लाहट मचा रहे हैं।

निम्रीम का जल सूख गया; घास कुम्हला गई और हरियाली मुर्झा गई, और नमी कुछ भी नहीं रही।

इसलिए जो धन उन्होंने बचा रखा, और जो कुछ उन्होंने इकट्ठा किया है, उस सब को वे उस घाटी के पार लिये जा रहे हैं जिसमें मजनू वृक्ष हैं।

इस कारण मोआब के चारों ओर की सीमा में चिल्लाहट हो रही है, उसमें का हाहाकार एगलैम और बेरेलीम में भी सुन पड़ता है।

क्योंकि दीमोन का सोता लहू से भरा हुआ है; तो भी मैं दीमोन पर और दुःख डालूँगा, मैं बचे हुए मोआबियों और उनके देश से भागे हुओं के विरुद्ध सिंह भेजूँगा।

Isaiah says his own heart cries out for Moab as fugitives flee toward Zoar and the waters of Dimon run with blood, a judgment on Moab also pronounced in <a href="/bible/irvhin/amos/chapter-2/1">Amos 2:1-3</a>; the lament continues into <a href="/bible/irvhin/isaiah/chapter-16">Isaiah 16</a>.